श्री जती जी महाराज के अतिश्‍यकारी चरण

श्री जती जी महाराज के अतिश्‍यकारी चरण

श्री भरत क्षेत्र के प्रांगण में श्री जती जी महाराज का आश्रम है, यहाॅ जती जी महाराज के अतिश्‍यकारी चरण स्थापित हैं।

इस स्थान पर आज से लगभग 500 बर्ष पूर्व दिगम्बर जैन मुनि (जती जी) ने साधना (तप) की थी और उनकी समाधि भी यंही हुई थी तभी से यहाॅ का कण-कण पावन हैं और उनके चरण चिन्ह यहाॅ स्थापित हैं।

ये चरण यहाॅ जती जी के नाम से प्रसिद्व है और श्रद्वालुओं के लिये आस्था व श्रद्वा का केन्द्र बन गये हैं। जो भी यहाॅ ज्योत जलाकर मनोकामना करते हैं वह पूर्ण होती है। जती जी महाराज के चरणो के दर्शन हेतु प्रतिदिन सैकड़ो जैन-अजैन आते हैं।

जती जी के चमत्कारों से सम्पूर्ण समाज परिचित है। लोग का पिछले कई दशकों से इन चमत्कारों से साक्षात्कार होता आ रहा हैं। एलाचार्य श्री अतिवीर जी महाराज ने जब यहाॅ प्रवास किया तो उन्हे भी जती जी महाराज के अतिशय का विशेष अनुभव हुआ और उन्होने बताया कि मंगलवार को जती जी महाराज का अतिशय विशेष होता हैं तभी से मंगलवार का दिन जती जी महाराज का दिवस होता है, उस दिन अनेकों दर्शनार्थी देश के विभिन्न कोनो से यहाॅ आते हैं और अपनी वांछित इच्छा को पूर्ण होता पाते हैं।